फ़्यूज़ के एनवायर्नमेंटल फ़ैक्टर्स पर पूरी तरह से विचार करने की ज़रूरत है।
थर्मल माहौल और आस-पास के क्लाइमेट पैरामीटर सीधे ड्रॉप आउट फ्यूज की थर्मल इक्विलिब्रियम स्थिति पर असर डालते हैं। ज़्यादा आस-पास का तापमान अंदरूनी फ्यूज असेंबली में उसके ब्रेकिंग पॉइंट तक पहुंचने से पहले बदलाव लाता है, जबकि कम तापमान मटीरियल की मैकेनिकल प्रॉपर्टीज़ को बदल सकता है, जिससे उम्मीद के मुताबिक ऑपरेटिंग करंट के रिस्पॉन्स में बदलाव आ सकता है। वाइब्रेशन, ह्यूमिडिटी और कोरोसिव मीडिया सभी फ्यूज के इंसुलेशन परफॉर्मेंस और मैकेनिकल स्टेबिलिटी पर दबाव डालते हैं, जो खास तौर पर ज़्यादा ह्यूमिडिटी या इंडस्ट्रियल माहौल में ज़्यादा होता है।
ऊंचाई में अंतर और एयर इंसुलेशन स्ट्रेंथ में बदलाव भी फ्यूज की इलेक्ट्रिकल ब्रेकडाउन विशेषताओं पर अलग-अलग मांग डालते हैं। माहौल में धूल और पार्टिकुलेट मैटर का जमाव कॉन्टैक्ट पॉइंट्स पर और फ्यूज़िबल पाथ पर हीट डिस्ट्रीब्यूशन और आर्क बिहेवियर पर असर डाल सकता है।
