सिलिकॉन रबर स्कर्ट फ़्यूज़ के बाहरी इंसुलेशन को बेहतर बना सकते हैं।
कई पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियाँ आजकल आउटडोर हाई-वोल्टेज इंस्टॉलेशन के लिए ड्रॉप आउट फ़्यूज़ जैसे कम्पोजिट स्ट्रक्चरल मटीरियल को पसंद कर रही हैं, और पारंपरिक पोर्सिलेन इंसुलेटर की जगह सिलिकॉन रबर शेड इस्तेमाल कर रही हैं। सिलिकॉन रबर शेड को हाई-पॉलीमर पॉलीमराइज़ेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मोल्ड किया जाता है, जो पोर्सिलेन मटीरियल की तुलना में काफी बेहतर सीलिंग और हाइड्रोफोबिक गुण देते हैं। पब्लिक में मौजूद डेटा के मुताबिक, ये शेड टिकाऊ, जंग लगने से बचाने वाले, नमी लगने से बचाने वाले और प्रदूषण लगने से बचाने वाले होते हैं, जो नमक के छींटे, एसिड/क्षार या ज़्यादा नमी वाले माहौल में भी बिजली का मज़बूत इन्सुलेशन बनाए रखते हैं।
शेड, फ़ाइबरग्लास कोर और मेटल के सिरे एक साथ मोल्ड किए जाते हैं, जिससे पूरा स्ट्रक्चर हल्का, इम्पैक्ट-रेज़िस्टेंट और वाइब्रेशन-रेज़िस्टेंट बनता है। इससे ट्रांसपोर्टेशन और इंस्टॉलेशन के दौरान टूटने का खतरा कम होता है, और पोर्सिलेन टूटने से होने वाले सुरक्षा खतरे भी कम होते हैं।
मेंटेनेंस कॉस्ट और ऑपरेशनल अडैप्टेबिलिटी के नज़रिए से, सिलिकॉन रबर शेड नमी, गंदगी और एसिड/क्षार के जंग लगने से ज़्यादा बचाते हैं, जिससे बहुत ज़्यादा प्रदूषित इलाकों या अक्सर नमक के छींटे पड़ने वाले तटीय इलाकों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरी ओर, पारंपरिक पोर्सिलेन इंसुलेशन में इन माहौल में क्रैकिंग या सतह खराब होने का खतरा रहता है, जिससे इसके इंसुलेशन परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।
