पावर ग्रिड सेफ्टी की सुरक्षा: हाई-वोल्टेज डिस्कनेक्ट स्विच की रेगुलर जांच क्यों करनी चाहिए।
हाई वोल्टेज डिस्कनेक्ट स्विच लंबे समय तक बाहरी माहौल में रहता है और सर्किट को अलग करने का ज़रूरी काम करता है। पावर सिस्टम का लगातार और भरोसेमंद ऑपरेशन पक्का करने के लिए रेगुलर प्रोफेशनल इंस्पेक्शन एक ज़रूरी कदम है।
ऑपरेशन और ट्रांसमिशन मैकेनिज्म का इंस्पेक्शन
हाई-वोल्टेज डिस्कनेक्ट स्विच में ऑपरेटिंग मैकेनिज्म एक कमज़ोर कड़ी है। इंस्पेक्शन में ट्रांसमिशन लिंकेज, क्रैंक आर्म और बेयरिंग की फ्लेक्सिबिलिटी पर ध्यान देना चाहिए, और किसी भी जंग या जाम होने पर ध्यान देना चाहिए। मैकेनिज्म बॉक्स की सीलिंग को भी चेक करने की ज़रूरत है ताकि नमी अंदर न जाए और सेकेंडरी कंपोनेंट्स को नुकसान न पहुंचे। खोलने और बंद करने की पोजीशन और सिंक्रोनाइज़ेशन को टेस्ट करने से एडजस्टमेंट में होने वाले बदलावों का पता चल सकता है।
कंडक्टिव सर्किट और इंसुलेटिंग कंपोनेंट्स का इंस्पेक्शन
कंडक्टिव सर्किट का भरोसेमंद होना सीधे इक्विपमेंट की सेफ्टी पर असर डालता है। इंफ्रारेड थर्मोग्राफी कॉन्टैक्ट्स, क्लैंप्स और लीड टर्मिनल ब्लॉक्स के टेम्परेचर का पता लगाने का एक असरदार तरीका है, और यह कॉन्टैक्ट की संभावित समस्याओं या ओवरहीटिंग की पहचान करने का एक असरदार तरीका है। पोस्ट इंसुलेटर और पोर्सिलेन पोस्ट में दरारें, डिस्चार्ज के निशान, या मैकेनिकल डैमेज के लिए ध्यान से जांच करनी चाहिए, ताकि स्ट्रेस या मटीरियल की दिक्कतों से टूटने से बचा जा सके।
