बेहतर फ़्यूज़: सरफ़ेस कोटिंग टेक्नोलॉजी
मटीरियल इंजीनियरिंग और सरफेस टेक्नोलॉजी में हाल की तरक्की ने ड्रॉप आउट फ्यूज प्रोडक्ट के लिए नए मैन्युफैक्चरिंग तरीके लाए हैं। इंडस्ट्री में सरफेस कोटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मटीरियल और पर्यावरण के बीच इंटरैक्शन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, थर्मल स्प्रेइंग और उसके बाद हीट ट्रीटमेंट प्रोसेस के ज़रिए घनी मेटैलिक या एलॉय कोटिंग्स बनाई जाती हैं। मेटल कंपोनेंट्स की बॉन्डिंग स्ट्रेंथ और ड्यूरेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए दूसरी फील्ड्स में भी ऐसी ही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
फ्यूज कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में सरफेस कोटिंग प्रोसेस को इंटीग्रेट करने से ट्रेडिशनल कंपोनेंट्स की सरफेस कंडीशन बदल सकती है, जिससे पूरे प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को एक्सप्लोर करने के लिए नई दिशाएँ मिल सकती हैं। फ्यूज के इंटरनल सर्किट चैनल या कनेक्शन टर्मिनल में ऐसी कोटिंग्स के एप्लीकेशन के लिए सबस्ट्रेट और कोटिंग मटीरियल के बीच थर्मल एक्सपेंशन मैचिंग, इलेक्ट्रिकल कम्पैटिबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग कंटिन्यूटी पर विचार करने की ज़रूरत होती है।
